क्या इतने खुलासो और उदाहरणों के बाद भी किसी आई. एस. ओ. सर्टिफिकेट कि जरुरत है?




मनोज जैसवाल =दैनिक 'द ऑस्ट्रेलियन' के मुताबिक आईपीएल और बागी इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) जैसे लीगों के उभरने से सट्टेबाज खिलाड़ियों को धन का लालच देकर मैच फिक्सिंग में लिप्त हो रहे हैं।

अखबार ने एक पुराने सट्टेबाज के हवाले से कहा है कि खेल के छोटे स्वरुप (50 ओवर) के मैच ने कानूनी और गैरकानूनी सट्टेबाजी को बडे़ पैमाने पर बढ़ावा दिया था और हैंसी क्रोन्ये तथा उनके सहयोगी खिलाड़ियों ने मैच के परिणाम पर असर डाले बिना खेल के कई क्षेत्रों को प्रभावित किया।

अखबार ने कहा कि अब इस खेल के नए स्वरुप टवेंटी-20 के पदार्पण से सट्टेबाजी की समस्या विकराल रुप ले सकती है, इसलिए इस पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। हम देख रहे हैं कि सट्टेबाज खिलाड़ियों से संपर्क कर रहे हैं जिसका मतलब है कि सट्टेबाजी का अवैध कारोबार तेजी से फल फूल रहा है और इन धंधेबाजों को लगता है कि वह मैच पर असर डाल सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि गत मई में आईपीएल से लौटने के बाद ही ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने इस बात की आशंका जताई थी कि मैच फिक्सिंग की घटनाएँ बढ़ रही हैं। इसके महीने भर बाद इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स टेस्ट के बाद कुछ संदिग्ध सट्टेबाजों ने दो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से संपर्क स्थापित किया था।

हालाँकि आईपीएल के दौरान मैच फिक्सिंग या अवैध सट्टेबाजों द्वारा खिलाड़ियों को खरीदने के कोई सबूत नहीं मिले हैं लेकिन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की भ्रष्टाचार निरोधक एवं सुरक्षा इकाई को आईपीएल पर निगरानी रखने की इजाजत नहीं देने के बाद इस टूर्नामेंट की साख संदेह के घेरे में आ गई थी।

इन सारी आशंकाओं को उस वक्त और मजबूती मिली, जब सट्टेबाजों ने जून में ट्‍वेंटी-20 विश्व कप के दौरान ऑस्ट्रेलिया के एक खिलाड़ी से संपर्क किया, जबकि एक अन्य खिलाडी हाल में होटल के बियर बार में संदिग्ध बातचीत करता हुआ दिखाई दिया।

आईसीसी ने दावा किया है कि उन्हें ऐसे 'संपर्क' के बारे में पता है लेकिन बुधवार को उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि इस संपर्क का किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। आईसीसी के प्रवक्ता ने कहा कि मैं इस बात के लिए संबंधित खिलाड़ी और ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन की प्रशंसा करना चाहता हूँ कि उन्होंने बिना देरी किए इस घटना की जानकारी आईसीसी को दी।

ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि श्रीलंका दौरे के समय पाकिस्तान के खिलाडी भी सट्टेबाजों के संपर्क में आए थे। हालाँकि आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक एवं सुरक्षा इकाई ने हाल में साफ कर दिया कि पाकिस्तानी खिलाड़ी ऐसे किसी गतिविधि में लिप्त नहीं थे।

पाकिस्तानी टीम के मैनेजर यावर सईद ने दावा किया कि उनके खिलाड़ियों के संबंध में ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने सभी खिलाड़ियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से संपर्क नहीं बनाएँ और उन्होंने मेरे निर्देशों का पालन भी किया।

उन्होंने कहा कि मैंने इस मामले की जानकारी आईसीसी को दी और उन्होंनें इसकी जाँच की। मैं इस बात से खुश हूँ कि आईसीसी ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने किसी सट्टेबाज से संपर्क नहीं किया था।( ये साले सब चोर है )
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