अन्य फोटो यह महज चोरी है या जांच से बचने की साजिश









प्रकाशित किया मनोज जैसवाल  (उल्टा पुल्टा ) के लिए 08 -00-00pm 

राष्ट्रमंडल खेलों के समापन के बाद अब इन खेलों में भ्रष्टाचार के मामलों जांच शुरु हो चुकी है लेकिन इसके साथ ही आयोजन समिति के मुख्यालय से अहम चीजों के रहस्यमई तरीके के चोरी होने का सिलसिला भी शुरु हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक आयोजन समिति के मुख्यालय में पेंट्री ब्वाय के तौर पर कार्यरत उमेश कुमार को पिछले सप्ताह चोरी के आरोप में पकडा गया था। उस पर समिति के कई वरिष्ठ अधिकारियों के कम्प्यूटरों से हार्ड डिस्क चुराने का आरोप है। उमेश पिछले कई वर्षों से आयोजन समिति में काम कर रहा है।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है क्या यह महज चोरी का मामला है या आयोजन समिति के किसी बडे अधिकारी के इशारे पर सबूतों को नष्ट किया जा रहा है ताकि जांच की आंच से बचा जा सके। सरकार ने राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के 
लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है।

चोरी के आरोप में पकडा गया उमेश कुमार उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला है। हालांकि आयोजन समिति के अधिकारियों का कहना है कि यह महज चोरी का मामला है। सूत्रों के मुताबिक उमेश की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है लेकिन दिल्ली पुलिस इसे मानने को तैयार नहीं है।

आयोजन समिति के अधिकारियों का कहना है कि उमेश ने केवल रैम स्टिक्स चुराई थीं हार्ड डिस्क नहीं। रैम स्टिक में कोई डाटा स्टोर नहीं होता है जबकि हार्ड डिस्क में कई अहम सूचनाएं हो सकती हैं जो भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त शंकर दास ने बताया कि आयोजन समिति के अधिकारियों को मुख्यालय में लगे खुफिया कैमरों की मदद से इस चोरी का पता चला।

उन्होंने कहा कि समिति के अधिकारियों ने चोरी के आरोपी को पुलिस के हवाले किया और उसे दो सप्ताह के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह महज चोरी का मामला है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।

आयोजन समिति मुख्यालय में सुरक्षा निदेशक जी कुप्पू स्वामी ने पुलिस को बताया कि उमेश काफी शातिर है वह रैम स्टिक चुराने के बाद कम्प्यूटर को फिर से जोड देता था ताकि किसी को कुछ पता न चल सके।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम फिलहाल इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकते कि यह एक बहुत गंभीर मामला है। पुलिस के मुताबिक उमेश फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और पूछताछ के लिए उसे पुलिस रिमांड पर लेना मुश्किल है।

सूत्रों के मुताबिक आयोजन समिति के मुख्यालय में कम्प्यूटर खराब होना आम बात है जिससे वहां के अधिकारी सतर्क हो गए और अंतत: चोर पकडा गया। पुलिस ने कहा कि आरोपी अब तक इसलिए बचता रहा क्योंकि इमारत की हर मंजिल पर खुफिया कैमरा नहीं है। सातवीं और आठवीं मंजिलों पर खुफिया कैमरे लगाए गए हैं लेकिन चोरी की घटना हर मंजिल पर हुई है
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